Wednesday, 19 March 2014

mai hoon

फ़िक्र मत करो
मै हूँ हमेशा ही
तुम्हारे लिए
तुम्हारे साथ ,

फ़िक्र मत करो
मै तुम्हारे देर रात तक घूमने पर प्रश्न नहीं करूंगी
मै जानती हूँ कि देर रात तक घूमना सुकून से भर देता है
कि देर रात दोस्तों का साथ जिन्दगी को नयी दृष्टि नए अर्थ देता है
कि देर रात उम्मीदों के साथ ही विश्वासों को भी पुख्ता करता है ,

फ़िक्र मत करो
कि मुझे नहीं है कोई ऐतराज़ तुम्हारे छोटे कपड़ों पर
कोई कुछ भी कहे पर मै जानती हूँ
यही छोटे कपडे शालीनता को बोझ होने से बचा लेते हैं
यही छोटे कपडे चिड़िया होने का सा अहसास कराते हैं
यही छोटे कपडे आत्मविश्वास से लबालब भर देते हैं ,

फ़िक्र मत करो
मुझे ख़ुशी है कि तुम अर्थपूर्ण जीवन जीने के लिए कटिबद्ध हो
सिर्फ जी पाने भर के लिए नहीं
मुझे खुशी है कि तुम्हारे सपने जीवित हैं और स्वछंद भी
मुझे यकीन है तुम्हारे हौसलों पर कि तुम उनमे खूबसूरत रंग भर लोगी ,

फ़िक्र मत करो
कि तुम्हारी कोई भी गलती कभी भी इतनी विकट नहीं  हो सकती
कि हम मिलकर उसे सुधार न लें
तुम्हारा कोई भी कदम इतना विपरीत नहीं हो सकता
कि हम उसे मिलकर सही दिशा न दे सकें
तुम्हारा कोई भी फैसला इतना व्यर्थ नहीं हो सकता
कि हम उसे मिलकर एक नया आयाम न दे सकें ,

फ़िक्र मत करो मेरी बच्ची
कि मै हूँ
तुम्हारे जीवन के हर पड़ाव में घटित होने वाली 
तमाम किस्म की घटनाओं में
तुम्हारी प्रथम सहयोगी हमराज़ व् तुम्हारी अभिन्न मित्र
इस आश्वस्ति के साथ
कि इन सबमे हमारे साथ हैं शामिल तुम्हारे पिता भी !!

1 comment:

  1. Shabd bahut kuchh sikhaate, samjhaate, naye vichaaron ko sammanit karte, nayi sonch ke saath samayojan karte, rishton ko majboot banaye rakhne ko prerit karti aapki behatareen rachana, hamesha ki tarah!

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